Thursday, 27 November 2014

अल्लाह ता'आला का ख़ौफ़ (डर) हर ख़ौफ़ पर ग़ालिब होना चाहिए.

अल्लाह ता'आला क़ुरान में फरमाता है
तुम लोगो से ना डरो सिर्फ़ मुझ से ही डरो.
क़ुरान (सुरा मायदा 5/44)

क्या तुम उन से डरते हो हालाँकि अल्लाह ता'आला ज़्यादा हक़ रखता है की तुम उससे डरो अगर तुम ईमान वाले हो.
क़ुरान (सुरा तौबा 9/13)

यक़ीनन जो लोग अपने रब से डरते है और जो अपने रब की आयतो पर ईमान रखते है और वो अपने रब के साथ किसी को शरीक नही करते है.
क़ुरान (सुरा मोमिनून 23/57-58-59)

अल्लाह के रसूल सललाल्लाहू आलेही वसल्लम ने इरशाद फरमाया
हरम शरीफ में जाने वालो को देखकर अल्लाह फरिश्तो से फरमाता है ये मेरी रहमत के उम्मीदवार है और मेरे अज़ाब से ख़ौफ़ में है हालाँकि इन्होने मुझे देखा तक नही.
हदीस (सहीह तरगिब :1112)

मालूम हुआ के सब से ज़्यादा अगर कोई इस बात का मुश्ताहक है के उस से ख़ौफ़ (डर) किया जाए तो वो अल्लाह ही है. अगर कोई अल्लाह से बेखौफ़ है. अल्लाह फरमाता है.

अल्लाह की पकड़ से सिर्फ़ नुकसान पाने वाली क़ौम ही बेखौफ़ होती है.
क़ुरान (सुरा आराफ 7/99)

अल्लाह हमे हक़ बात समझने की तोफीक अता फरमाये अमीन......

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